IVF का पूरा नाम “इन विट्रो फर्टिलाइजेशन” है। इसका मतलब है कि अंडे और स्पर्म को शरीर के बाहर लैब में मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है। [3]
WHO के अनुसार, बांझपन (infertility) एक आम समस्या है और यह दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। [1]
IVF कब कराया जाता है?
हर किसी को IVF की जरूरत नहीं होती। यह तब सलाह दी जाती है जब:
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महिला की फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक हो
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पुरुष के स्पर्म की संख्या या गुणवत्ता कम हो
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पीसीओएस या ओव्यूलेशन की समस्या हो
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उम्र 35 साल से ज्यादा हो
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कई बार कोशिश के बाद भी गर्भधारण न हो
AIIMS के अनुसार, हर मरीज की स्थिति अलग होती है और इलाज भी उसी हिसाब से तय किया जाता है। [2]
IVF कैसे काम करता है? (सरल उदाहरण)
मान लीजिए आप एक पौधा उगाना चाहते हैं, लेकिन जमीन सही नहीं है। तो आप पहले बीज को गमले में उगाते हैं और फिर उसे जमीन में लगाते हैं।
IVF में भी कुछ ऐसा ही होता है। पहले भ्रूण लैब में बनता है, फिर उसे गर्भाशय में रखा जाता है।
क्या IVF सुरक्षित है?
हाँ, IVF को आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। यह कई सालों से इस्तेमाल हो रहा है और लाखों बच्चों का जन्म इससे हो चुका है। [3]